Thursday, November 3, 2016

शहीद संदीप सिहं के बलिदान को चुटकी में भूल गयी उत्तराखंड सरकार।



गत 27 अक्टूबर की रात उत्तराखंड का एक लाल अपने परिवार का एकमात्र पालण पोलण पोषण करने वाला शहीद संदीप सिहं अपनी देश की रक्षा करते अपने प्राणो की बाजी लगा दी पूरा देश दिवाली की खुशियों मे मशगूल था ओर शहीद का परिवार आंसुओ के संमदर मे डूबा था। परिवार का कमाने जमाने वाला इन्सान ही चला जाऐ तो सहारा किसका हो

शहीद की अन्तिम यात्रा मे मुख्यमन्त्री हरीश रावत ने शहीद को श्रंदाजलि दी थी ओर कहा था कि सरकार हर सम्भव मदद करेगी
उन्होने नवादा रोड ओर नवादा स्कूल शहीद के नाम से रखने की भी घोषणा की थी

लेकिन खबरो की माने तो ये सुनने मे आया है कि शहीद का परिवार सरकार की नीति से खुश नही है परिवार में संदीप के अलावा कोई ओर कमाने वाला नही है एसे मे परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो गया है सरकार की तरफ से दी गई पैंसो की मदद से शहीद का परिवार कितने दिन काट लेगा ऐसे में परिवार चाहता है कि सरकार शहीद के परिवार को आसरा दे
बडा भाई दीपक रावत बैरोजगार है ऐसे मे सरकार को दीपक को नोकरी देनी चाहिऐ । पिता हरिन्दर रावत जी सरकार से बस यही चाहते हैं
लेकिन अभि तक सरकार ने अपनी जिज्ञासा प्रकट नहीं की । हर मुमकिन मदद का आस्वाशन देकर जल्द से जल्द यदि रावत सरकार कुछ ना कर पाई तो हरीश रावत जी को मुखौटे पहनने की आवश्यकता पड जाऐगी। खैर उम्मीद तो पूरी है लेकिन समय कितना लगता है ये देखने वाली बात होगी।।

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